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सर ने मुझे गजब चोदा, गांड भी मार मार कर, मेरी चूत को पानी पानी कर दिया
हैलो दोस्तो मै (ग्रूप सेक्स स्टोरीज) मै आप सभी
दोस्तो, मेरी हॉट भाभियों और सेक्सी लड़कियों को मेरा एक बार फिर से प्यार भरा नमस्ते.🙏आज की कहानी टीचर एक स्टुडेंट को खुब चोदा | यह कहानी
आप ही मे से एक खूबसूरत हॉट लड़की ने मुझे ईमेल द्वार भेजी है अपनी सच्ची कहानी आपको शेयर करने जा रा हु उसका नाम सुनीता है
अब आगे सुनिए सुनीता के जुबानी
👇👇👇
Teacher Student Sex Story,
हेल्लो ग्रूप सेक्स स्टोरी (groupSexStories)
मैं सुनीता
पिछले कई सालों से अपने विज्ञान के माधव सर से चुदाई थी. मुझे आज भी वो दिन याद है जब मैं बी अस सी फर्स्ट इयर में गयी थी. कॉलेज में सर को मैंने पहली बार क्लास में ही देखा. माधव सर बिलकुल सलमान खान थे. पेशे से तो टीचेर थे. पर क्या खूब बॉडी बना रखी थी. बस तभी से वो मुझे पसंद आने लगे. उन दिनों कितनी की लडकियाँ सर पर मरती थी. कोई उसने प्यार करना चाहती थी, कोई उसने चुदवाना चाहती थी. कोई उनके लौड़े को मुँह में लेकर चूसना चाहती थी. पर सब शर्मीली थी. कहीं माधव सर को कोई लड़की पटा ना ले, इससे निटपने के लिए मैंने नेट के बडे गले वाले और फिट सूट सिलवाए जिसे मेरी चुचीयो की निपल्स साफ दीखरी थी और उनके सामने की सीट पर बैठने लगी.
धीरे धीरे सर जब भी क्लास में होते मेरी मस्त मस्त गोल गोल चुचीयो देखते रहते. मेरे नेट के सूट के गले से मेरे मम्मे साफ साफ़ झलकते. धीरे धीरे माधव सर मेरी ओर आकर्षित हो गये. फिर मैंने बी अस सी के ट्यूशन लेने उनके घर पर जाने लगी. मैंने सर को आई लव यू भी बोल दिए. फिर दोस्तों क्लास खत्म होने के बाद सर ने मुझे रोक लिया.
‘सुनीता! तुम पुरे समय मुझे ही क्यों देखा करती हो??” उन्होंने बड़े प्यार से पूछा
‘सर !! मैं आपसे बहुत बहुत प्यार करती हूँ. आप इतने हैंडसम और खूबसूरत है की मेरी नजरें आपसे हटती ही नही है’ मैंने कहा
माधव सर हँसने लगे. फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के चूम लिया. मुझे गले लगाया लिया. ‘सुनीता!! तुम भी बड़ी गजब की माल हो. आई लव यू’’ सर से बोला. उसके बाद , हम दोनों बड़ी देर गले लगे रहे. शुरू शुरू में सर मुझे हल्की हल्की चुम्मी मेरे गाल पर ले रहे थे, पर धीरे धीरे उनकी और मेरी झिझक खत्म हो गयी. सर मुझे अपने घर में अंदर ले गए. सीधे बेडरूम में ले गए. मैंने पीले रंग की सलवार और गुलाबी रंग का सूट और दुपट्टा पहना हुआ था. रोज रोज मैं सर को अपने मम्मे दिखाती थी और मन ही मन कहती थी की प्लीस मुझे चोद दो! प्लीस मुझे चोद दो. पर आज मेरी मुराद पूरी होने जा रही थी. सर ने मेरा दुपट्टा हाथ से खींच दिया और हटाकर किनारे रख दिया. मेरे सूट के गले से मेरे बडे गोल गोल बूब्स
दिखने लगे. सर ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया.
मेरे गर्म तपते होंठो पर अपने होंठ रख दिए और
जोर जोर से मुँह चलाकर पीने लगे. मैं तो कितने दिनों से माधव सर को पसंद करती थी. कितने दिनों से सर को पसंद करती थी. अपनी जान उनपर छिड़कती थी. कितने दिनों से मैं उनसे चुदवाना चाहती थी. पर आज वो सपना हकीकत में बदलने जा रहा था. माधव सर मेरे ओंठ पी रहे थे. मेरे सासों को अपनी सांसों में भर रहे थे. मैं उनसे बहुत बहुत जादा प्यार करती थी. आज वो अपने कीमती होंठो से मेरे ओंठ पी रहे थे. मैंने सबकुछ उनके नाम कर दिया था. मैंने उनसे शादी करना चाहती थी. मैं उसने कसके चुदवाना चाहती थी. सर बहुत जोर जोर से मेरे ओंठ पी रहे थे. फिर उनके हाथ मेरे गोल गोल बूब्स पर जाने लगे. वो मेरे बूब्स पर सब जगह हाथ लगाने लगे. मुझे बहुत अच्छा लगने लगा. बड़ा आनंद मिलने लगा. फिर सर मेरे गुलाबी सूट के उपर से ही मेरे गोल गोल बूब्स दबाने लगे. धीरे धीरे उनका हाथ भारी और भारी होता गया. और फिर एक समय आया जब सब मुझे अपना पर्सनल माल समझ के बड़ी जोर जोर से मेरे बूब्स दबाने लगे.
‘सुनीता!! तु कितनी सुंदर हॉट सेक्सी है ! तुम्हारे जैसी गजब की लड़की मैंने आज तक नही देखी! तुम्हारे जैसी माल मैंने आज तक नही देखी. तुम्हारी चूत बड़ी गुलाबी और मस्त होगी’ माधव सर बोले
‘चोद लीजिये सर आज मुझे. आप मुझे जी भरके चोद लीजिये. आज से मेरी चूत को अपनी चूत समझिये’ मैंने कहा
उसके बाद सर खुलकर मेरी मेरे बूब्स जोर जोर से दबाने लगे. मेरे बूब्स बिलकुल ३६० डिग्री गोल थे, बेहद चिकने और रुई जैसे मुलायम थे. माधव सर बहुत गर्म और चुदासे हो गए थे. उनसे रहा ना गया. वो सूट के उपर से नही बल्कि अंदर से मेरे मम्मे दबाना और पीना चाहते थे. इसलिए उन्होंने मेरा गुलाबी रंग का सूट निकाल दिया. मेरी ब्रा खोल दी. सर को जो माल चाहिए था वो उनके सामने थे. मेरे शरीर के खूबसूरत बूब्स उनके सामने थे. माधव सर मेरी दूधभरी बूब्स को देखकर पागल हो गये. हाथ से जोर जोर से मेरी बूब्स को दबाने लगे. और फिर पीने लगे. आज मैंने बड़े दिनों के बाद अपने दूध देखे. सच में बहुत खूबसूरत हॉट थे मेरे. माधव सर जोर जोर से मेरे दूध दबाने लगे. ‘सुनीता इतने सुंदर बूब्स मैं आज तक नही देखे. मैंने अपने क्लास की कितनी ही लडकीयो चोदी है, पर उन सबमे तुम सबसे जादा खूबसुरत हो’ सर बोले.
फिर वो चुप हो गये और मेरे दुध को मुँह में भरके पीने लगे. वो हपर हपर करके मेरे दूध पी रहे थे. हाथों से जोर जोर से दबा भी रहे थे. सर को बड़ा मजा मिल रहा था, वही मुझे भी बड़ा आनंद मिल रहा था. मैं अपने टीचर से ही चुदने वाली थी. ‘पी लीजिये सर!! आप आज मेरा सारा दूध पी लीजिये!! आपके लिए सब छूट है’ मैंने कहा. सर हपर हपर करके आवाज करते हुए मेरे चुचियाँ पीने लगे. उनके सपर्श से मेरी काली काली बूब्स की खूबसूरत निपल्स खड़ी होकर टनटना गयी. और उससे ज्यादा मेरा नीचे तो बुरा हाल था. मेरी चूत गीली होकर बहने लगी थी. मेरी चूत से मेरा चिकना चिकना चिपचिपा माल बहने लगा था. माधव सर हपर हपर करके मेरी दोनों बूब्स अच्छे से पी रहे थे. अब तो बड़ी देर हो चुकी थी.
अपने माधव सर को अपनी बूब्स पिलाने से मेरी गोल बूब्स और भी जादा उभर आई थी और बड़ी हो गयी थी. मैं इस समय बहुत ही जादा गर्म और चुदासी हो गयी थी. ये बात सच है की मैं इस समय कसके चुदवाना चाहती थी. सर के दांत मेरी मुलायम चूचियों और उनके कड़े कड़े निपल्स पर गड रहे थे. मैं उनसे धीरे धीरे पीने को कह रही थी. पर वो नही मान रहे थे. जोर जोर से मेरे दूध पी भी रहे थे और दबा भी रहे थे. ‘सर अब मुझे चोदिये! क्या सारा दिन दूध ही पियेंगे???’ मैंने कहा. पर सर तो अभी भी मेरी चचीयो के दीवाने थे. मेरी चुचियां छोड़ने का नाम ही नही ले रहे थे. फिर बड़ी मुस्किल से उन्होंने मेरे बूब्स छोड़े. पता नही उसको कौन सी सनक लगी. अपने चाक़ू जैसे तेज दांतों से मेरे पेट, नाभि, मेरे चिकने गठीले कंधे जोर जोर से काटने लगे. मुझे बहुत आनन्द आने लगा. वो मुझसे छेड़खानी करने लगे. फिर सर मेरे नाबी पर आ गए और नाबी के उपर अपनी जीभ. गोल गोल घुमाने लगे फिर माधव सर ने मेरी सलवार और पैंटी निकाल दी.
मैं बिलकुल नंगी हो गयी. उनके सामने किसी किताब के पन्ने की तरह खुल गयी. सर ने मुझे पलट दिया. मेरे गोल गोल कुल्लो को अपने हाथ से सहलाने लगे. फिर मेरे सफ़ेद कुल्लो को अपने तेज धार दांतों से किसी चूहे की तरह काटने लगे. मुझे बड़े अजीब तरह का सुख मिलने लगा. सर जोर जोर से मेरे नितम्बों को चबाने लगे. बड़ा सुख मिलने लगा. फिर माधव सर ने मेरी हॉट चिकनी कमर पर बड़े प्यार से हाथ सहला दिया. कमर पर जगह जगह चूमने लगे, बड़े प्यार से चुम्मी देने लगे. फिर अचानक सर ने वही करना शुरू कर दिया जिसकी उनको सनक लगी थी. अपने चूहे जैसे तेज दांतों से मेरी चिकनी चिकनी मक्कन सी मुलायम कमर कुतरने लगे. दोस्तों एक बार फिर से मुझे बड़ी अजीब और विचित्र प्रकार का सुख मिलने लगा.
माधव सर कभी मेरे कंधे कुतरते कभी मेरे नितम्ब. इतना ही नही दोनों कुल्लो के बीच का भाग भी वो कुतरने लगे. मैं सुख सागर में डूब गयी. फिर सर ने मुझे पलट दिया. जीभ से मेरी गोल गहरी सेक्सी चुदासी नाबी पीने लगे. फिर वो मेरी चूत पर आ आ गए.
अरे अरे ये तो देखो सुनीता!! तुम्हारी चूत तो किसी पानी के बर्तन की तरह बह रही है’ सर बोले. सच्च, मेरी चूत कीसी पानी के बर्तन की तरह बह रही थी. सर ने अपना मुँह मेरे लाल चुतड पर रख दिया और पीने लगे. मेरी चूत से निकला सारा माल, सारा मक्कन वो मजे ले लेकर पीने लगे. एक भी बूंद उन्होंने बेकार नही होने दी. लपर लपर ओंठ चलाकर मेरी चूत पीने लगे. मैं अभी तक एक भी बार नही चुदी थी. सर मजे से मेहनत करके मेरी चूत पी रहें थे. फिर उन्होंने खुद नगे हो गए. मेरी चूत पर अपना मोटा लम्बा ७" इंच खूबसूरत लौड़ा रख दिया और जोर का धक्का मारा. मेरी चूत की सील टूट गयी. माधव सर मुझे चोदने लगे. ये पल मेरे जीवन का ख़ास लम्हा था. क्यूंकि जिस तरह मैंने सर को देखा था उसी दिन ये तय कर लिया था की एक न एक दिन इनका लौड़ा जरुर मेरी चूत पे लूंगी. ये बात मैंने सोच ली थी .
और आज वो दिन आ गया था जब मैं अपने सबसे अच्छे टीचर माधव सर का लौड़ा से चुदाई करवा रही थी. सर मुझे खटर खटर करके चोदने लगे तो मेरी आँखें खुलने और बंद होने लगी. कभी चुदवाते चुदवाते मेरी आँखें खुल जाती कभी बंद हो जाती. मैंने अपनी दोनों टाँगे सर के कंधे में उपर उठा ली और मजे से चुदवाने लगी.सर जोर जोर के मुझे चोद रहे थे. ‘सर चोदिये सर!! मुझे झमकर! अगर आप मुझे अच्छे से चोद नही पाए तो आपकी पुरे कॉलेज में कितनी बदनामी होगी, इसलिए सर जोर जोर से मुझे चोदिये!! मेरी चूत में लौड़ा ठोक ठोककर मुझे चोदिये!!……सर मुझे किसी रंडी की तरह चोदिये!!!’
फिर. मुझे किसी आवारा छिनाल की तरह ठासने लगे. ‘ले रंडी!! आज मन भरके अपने ७" का लौड़ा चूत मे ले! जब तक जिन्दा है किसी रंडी की तरह चुद्वाले!…वरना मरने के बाद पता नही तुझे चुदवाने का मौका मिले भी या ना मिले’’ ऐसा बोलकर सर जोर जोर से मुझे कमर उठा उठाकर चोदने लगे. उनके शानदार, जोरदार और जानदार धक्कों से मेरी चूत पानी पानी हो गयी. मेरी चूत की दीवारों से, उसके गोल गोल छल्ले से गर्म, गाढ़ा , चिपचिपा माल बहने लगा जिसने माधव सर के लौड़े को खूब चिकना कर दिया. इससे सर का लौड़ा शानदार तरह से सट सट मेरी चूत के लम्बे छेद में सरकने लगा. सर मुझे किसी रंडी की तरह फका फक चोदने लगे. फिर उन्होंने मुझे बाहों, और हाथ पैरों से कसके पकड़ लिया और अपने में जकड़ लिया. और इतने ताबडतोड़ धक्के मारने लगे की मेरी तो चुत पानी पानी हो गयी, मेरी चुत गांड एक हो गयी. सर फटा फट जोर जोर से धक्के मारते रहे फिर १० मिनट बाद मेरी चूत में ही झड गए.
जब उन्होंने अपना लंबा ७" लौड़ा निकाला तो तब भी उसमे से माल की पिचकारी छूट रही थी. मैंने जल्दी से माधव सर के लौड़े को मुँह में ले लिया और मजे से उनका लौड़ा पीने लगी. ये लम्हा मेरी जिन्दगी का सबसे खूबसूरत लम्हा था. फिर सर मुझसे लिपट गये. मुझे बाहों में भर लिया और चुम्मी चाटी करने लगे. ‘सुनीता!! मैंने अभी तक अपनी कई स्टूडेंट्स को चोदी चुत है. पर तुम्हारे जैसी रसभरी चुत मैंने आज तक नही देखी. मैं अब तुमको रोज चोदूंगा, रोज तुम्हारी चूत में लौड़ा दूंगा’’ सर बोले.
‘सर!!! मैं भी आपको बहुत पसंद करती हूँ!!….इसलिए मैं अब रोज आपसे ट्यूशन पढ़ने आऊँगी और रोज आपको चूत दूंगी!’ मैंने कहा. माधव सर एक बार फिर से मेरे नर्म मासूम गुलाबी होठ पीने लगे. कुछ देर बाद हमदोनो का फिर से मौसम बन चुका था.
‘सुनीता!! मेरी जान, तूने मेरा मोटा लण्ड तो चूसा ही नही!’ सर बोले
‘लाइए अपना लण्ड, चूस देती हूँ!’ मैंने कहा.
माधव सर पीठ के बल सीधा बिस्तर पर लेट गये. मुझे एक बार चोदने के बाद उनका लण्ड सो गया था. मैंने उनकी गोरी गोरी जांघो से शुरुवात की. हाथ से उनके घुटने, जाघे सहलाने लगी. फिर उनकी काले काले गोलि को अपनी पलती पलती उगलियों से चुने लगी. एक जवान चुदासी लड़की के स्पर्श से माधव सर की गोलि फिरसे फूलने लगी. मैं उनकी गोलि सहला रही थी. मेरे मस्त मस्त सफ़ेद बूब्स सर के पैरों पर छू रहे थे. फिर मैंने माधव सर के मोटे जाडे ७" लौड़े को हाथ में ले लिया और उपर निचे करने लगी. सर की गोलि छोटी होती, फिर बड़ी होती, फिर धीरे धीरे फूलने लगी. कुछ देर बाद मैंने सर के मोटे जाडे लौड़े को अपने मुँह में भर लिया. मेरे होठ बहुत ही खूबसूरत थे. होंठों पर मैंने डार्क लाल रंग की लिपस्टिक लगाईं थी जो सर के लौड़े पर लगने लगी क्यूंकि इस वक़्त मैं उनका लौड़ा मुँह में भरके चूस रही थी. फिर मैं जोर जोर से सर हिला हिलाकर सर का लौड़ा पीने लगे. उनका टोपा बहुत ही खूबसूरत था. बिलकुल लाल लाल था. मैं किसी देसी रंडी की तरह सर का लौड़ा चूसने लगी. कुछ देर बाद मेरी मेहनत रंग लाई. सर का लौड़ा फिर से खड़ा हो गया. मैं और चुदास और मेहनत से माधव सर का लौड़ा चूसने लगी.
उनका लौड़ा बड़ा ही मीठा. बड़ा ही स्वादिस्ट था. मैं मजे से हपर हपर करके उनका लौड़ा पी रही थी. कुछ देर बाद मेरी यौन उतेज्जना और चुदासेपन से सर का लौड़ा बिलकुल पत्थर जैसा सख्त हो गया. सर ने मुझे अपने लौड़े पर बिठा दिया और एक बार फिर से मेरी भोस में लौड़ा घुसाकर मुझे चोदने लगे. मैं अपने प्यारे माधव सर के मोटे मजबूत लौड़े पर डिस्को डांस करने लगी. सर के जैसे मैं बड़ी हल्की फुलकी थी. सर जैसा मन करता था, वैसा मुझे चोद रहे थे. मनमर्जी से सर मुझे अपने मोटे लौड़े पर उठाने बैठाने लगे. एक बार फिर से मैं सर से चुदवाने लगी. मेरी लाल लाल चूत में सर मीठे मीठे धक्के मारने लगे. मेरी मुलायम बूब्स उछलने लगी. क्यूंकि मैं बहुत जोर जोर से सर के लौड़े पर कुद रही थी.
माधव सर अपने हाथों से मेरी मुलायम बूब्स सहलाने लगे, छूने लगे और फिर दबाने लगे. फिर वो मुझे जोर जोर से चोदने लगे. उसके बाद फिर मेरे सर रोज मेरी चूत मारते रहे. फिर उनको मेरी चूत की इतनी लत लग गयी थी की वो मेरे बिन एक सेकंड भी नही रह पाते थे. फिर उन्होंने मुझसे शादी कर ली. ये कहानी आप ग्रूप सेक्स स्टोरीज पर पढ़ रहे है.
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लेखक खेमचनद टाॅक ✍✍
दो टीचर्स के दो मोटे लौड़े से मैंने जमकर चुदवाया / टीचर और स्टुडेंट सेक्स/teaches students sex party
Indian beauty woman's September 02, 2021romance teacher and student, Teaches students sex, टीचर मोटे लंड गांड चुत चुदाई
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Teacher Student Sex Story,
इसके बाद मैं लेट गयी और उमेश सर मेरे उपर लेट गये। उन्होंने मेरे रसीले दूध को मुंह में ले लिया और मजे लेकर पीने लगे। दोनों सर के लौड़े काफी लम्बे लम्बे थे, पर उमेश सर का लंड तो ८” का था, जबकि शेलश सर का लंड ७ इंच का था। उमेश सर के हाथ मेरे चुचियों को सहलाने लगे और होले होले दबाने लगे। उमेश सर ने मेरे दूध और निपल्स को १५ मिनट चूसा।
“आओ शेलश सर आप भी मेरे मम्मे पी लो!!” मैं बोली। उमेश सर मेरे उपर से हटे तो शेलश सर आकर मेरे दूध पीने लगे। वो मेरी रसीली चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगे। चूं चूं….की आवाज आने लगी। मेरे मम्मे किसी अनार जैसे लाल लाल गुलाबी गुलाबी और बड़े खूबसूरत थे। वृत्ताकर दूध के शिखर पर काले काले रंग के घेरे वाले चूचुक थे, जो बहुत मस्त और सेक्सी लगते थे। शेलश सर मेरी काली काली निपल्स में अपनी खुदरी जीभ को बार बार टकरा रहे थे। मैं उतेज्जना और चुदास से पागल हुई जा रही थी। वो मेरे दूध को किसी पके टमाटर की तरह कसकर दबा देते थे, मेरी तो जान ही निकल जाती थी। लग रहा था आज वो मेरा दूध ही पी लेंगे और सारा रस चूस लेंगे। मैं उनके दांतों की तेज धार को अपने नर्म मम्मो पर महसूस कर सकती थी। मैं “……उई..उई..उई…. माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. .अहह्ह्ह्हह..” करके सिसक रही थी। हाँ आज मैंने उसने कसकर चुदवाना चाहती थी। कुछ देर तक मेरे बूब्स पीने के बाद शेलश सर हट गये और उमेश सर फिर मेरे पास आ गये।
“सारीका.मेरी जान आ मेरा लौड़ा चूस आकर!! हम दोनों तुझे बी कॉम फाइनल में इतने मार्क्स देंगे की तू कॉलेज टॉप कर जाएगी!!” उमेश सर बोले
“सर, टॉप आने के लिए तू मैं कुछ भी करुँगी!!” मैंने कहा
उसके बाद मैं उमेश सर का मोटा लंड हाथ में लेकर चूसने लगी और मुंह में लेकर चूसने लगी। शेलश सर को एक कमाल का आइडिया आया और वो मेरे दोनों पैर के नीचे चूत के नीचे आ गये। इसलिए मुझे मजबूरी में घोड़ी बनना पड़ा। शेलश सर ने अपना सर मेरी दोनों टांगो के नीचे डाल डाल दिया और लेटकर मेरी चूत पीने लगे। ये एक गजब का क्रांतिकारी आइडिया था। मैं इधर उमेश सर का मोटा ८” लौड़ा चूसने में मस्त थी, और उधर शेलश सर मेरी चूत नीचे सर डालकर पी रहे थे। जितना जादा मजा मुझे उमेश सर का लंड चूसने में मिल रहा था, उससे कहीं जादा सुख को शेलश सर को अपनी चुत पिलाने में मिल रहा था। दोनों आज मुझे कसकर चोदना चाहते थे और फिर मुझे अच्छे नम्बर इक्साम्स में देने वाले थे।
दोस्तों, बड़ी देर तक ये चुसी चुसाई का खेल चला। मैंने उमेश सर के मोटे लौड़े को इतना चूसा की उन्होंने अपना माल मेरे मुंह में ही छोड़ दिया, जिसे मैं पूरा का पूरा पी गयी। उधर शेलश सर लेटकर जो मेरी चूत पी रहे थे, उससे मैं भी उसके मुंह में एक बार झड़ गयी थी। मेरी चूत का सारा पानी उनके मुंह में छूट गया था, जिसे वो पी गये थे। उसके बाद उमेश सर ने मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी लाल लाल चूत में अपना मोटा लंड डाल दिया और मुझे मजे मजे चोदने लगे।
फिर उमेश सर का माल मेरी चूत में ही छूट गया। मैं एक बार अपने कॉलेज के के सर से चुद चुकी थी। अब मुझे चोदने का नम्बर शेलश सर का था। उमेश सर हट गये और पानी की बोतल से पानी पीने लगे। उनकी बहुत सारी ताकत और ऊर्जा नस्ट हो चुकी थी मेरी चूत मारने में। अब शेलश सर मेरे उपर आकर लेट गये। और मेरी चूत को पीने लगे। दोस्तों आज तो मेरी फुल पार्टी हो गयी थी। सर के दो दो मोटे लौड़े मुझे खाने को जो मिल रहे थे।
“ओह्ह…सारिका तुम बहुत खूबसूरत हो….सच में तुमको देखते ही मुझे कुछ हो जाता है!!” शेलश सर मेरी तारीफ़ करने लगे। उसके बाद वो मेरी चूत पीने लगे!इससे पहले मैं कुछ समझ पाती सर ने अपना मुंह मेरी चूत पर लगा दिया और चूत पीने लगे। उन्होंने मेरी दोनों टाँगे पूरी तरह से खोल दी थी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी मध्यमा (हाथ की बीच वाली ऊँगली) मेरी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगे।
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हेल्लो ग्रूप सेक्स स्टोरी (groupSexStories)
मैं सारिका शर्मा
मैं पिछले कई सालों से ग्रूप सेक्स स्टोरीज से जुडे रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं आपकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी आपको और सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।
मैं सतना की रहने वाली हूँ। मे बहुत ही सुंदर हॉट हु
मैं आपको जो कहानी सुना रही हूँ वो कुछ हफ्ते पहले ही है। मैं कॉलेज में पढ़ रही थी उमेश सर मुझे हिन्दी पढ़ाते और शेलश सर मुझे विज्ञान पढ़ाते थे। दोनों ही सर अच्छा पढ़ाते थे। धीरे धीरे मेरी दोस्ती उमेश और शेलश दोनों सरो से हो गयी और मैं दोनों से प्यार करने लगी। इतना ही नही मैं दोनों के घर पर जाकर शाम को ट्यूशन पढ़ती थी। उमेश और शेलश दोनों सर ने मुझे चोद लिया था। एक दिन जब मैं शेलश सर के घर पर थी, हम दोनों प्यार कर रहे थे। वो मेरे मोबाइल से मेरी कुछ फोटो खींचने लगे और इसी बीच उन्होंने मेरी उमेश सर के साथ में कई नंगी तस्वीरे देख ली। शेलश सर मुझे बहुत प्यार करते थे, इसलिए उन्होंने मुझसे कुछ नही कहा। पर अगले दिन उन्होंने उमेश सर का कॉलर पकड़ लिया और उसको २ ४ लपोटे मार दिए।
“सारीका सिर्फ मेरी माल है। उसकी चूत सिर्फ मैं लूँगा। अगर दोबारा मेरी माल से मिलने की कोशिश की तो तेरे हाथ पैर तोड़ दूंगा!!” शेलश सर बोले
उमेश सर के मुंह से खून बह रहा था। उनकी नाक टूट गयी थी। वो भी शेलश सर को पलटकर मारने लगे और मामला बहुत आगे बढ़ गया। मुझे पता चला तो मैं भागी भागी वहां पहुची। दोनों एक दूसरे से कह रहे थे की दुबारा मुझसे ना मिले। मैंने दोनों सर को अलग अलग किया।
“आप लोग गली के कुत्तो की तरह लड़ना बंद करो!! सच तो ये है की मैं आप दोनों से प्यार करती हूँ। इसलिए मैं दोनों से मिलती रहूंगी और चुदवाती रहूंगी!!” मैंने कहा
हम तीनो नंगे हो गये और प्यार करने लगे। उमेश सर को मैं जादा प्यार करती थी। मेरे भरे हुए जिस्म को दोनों बार बार ताड़ रहे थे और मजा ले रहे थे। मैंने अपने बाल खोल दिए थे, जिसमे मैं और भी सेक्सी और हॉट लग रही थी। मेरे बूब्स ३६” के थे जो बहुत जूसी और रसीले थे। ये बात सच थी की आज मैं दोनों से चुदवाना चाहती थी।
“सारिका बता तू किस्से जादा प्यार करती है!” शेलश सर ने पूछा। मैं हँसने लगी और दोनों की तरफ देखने लगे। उमेश सर सोच रहे थे की मैं उनका नाम लुंगी, पर शेलश सर जानते थे की मैं उनसे जादा प्यार करती हूँ।
“मैं उमेश सर से जादा प्यार करती हूँ, इसलिए मेरे मस्त मस्त दूध पीने का पहला हक उमेश सर का है!!” मैंने कहा
मैं पिछले कई सालों से ग्रूप सेक्स स्टोरीज से जुडे रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं आपकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी आपको और सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।
मैं सतना की रहने वाली हूँ। मे बहुत ही सुंदर हॉट हु
मैं आपको जो कहानी सुना रही हूँ वो कुछ हफ्ते पहले ही है। मैं कॉलेज में पढ़ रही थी उमेश सर मुझे हिन्दी पढ़ाते और शेलश सर मुझे विज्ञान पढ़ाते थे। दोनों ही सर अच्छा पढ़ाते थे। धीरे धीरे मेरी दोस्ती उमेश और शेलश दोनों सरो से हो गयी और मैं दोनों से प्यार करने लगी। इतना ही नही मैं दोनों के घर पर जाकर शाम को ट्यूशन पढ़ती थी। उमेश और शेलश दोनों सर ने मुझे चोद लिया था। एक दिन जब मैं शेलश सर के घर पर थी, हम दोनों प्यार कर रहे थे। वो मेरे मोबाइल से मेरी कुछ फोटो खींचने लगे और इसी बीच उन्होंने मेरी उमेश सर के साथ में कई नंगी तस्वीरे देख ली। शेलश सर मुझे बहुत प्यार करते थे, इसलिए उन्होंने मुझसे कुछ नही कहा। पर अगले दिन उन्होंने उमेश सर का कॉलर पकड़ लिया और उसको २ ४ लपोटे मार दिए।
“सारीका सिर्फ मेरी माल है। उसकी चूत सिर्फ मैं लूँगा। अगर दोबारा मेरी माल से मिलने की कोशिश की तो तेरे हाथ पैर तोड़ दूंगा!!” शेलश सर बोले
उमेश सर के मुंह से खून बह रहा था। उनकी नाक टूट गयी थी। वो भी शेलश सर को पलटकर मारने लगे और मामला बहुत आगे बढ़ गया। मुझे पता चला तो मैं भागी भागी वहां पहुची। दोनों एक दूसरे से कह रहे थे की दुबारा मुझसे ना मिले। मैंने दोनों सर को अलग अलग किया।
“आप लोग गली के कुत्तो की तरह लड़ना बंद करो!! सच तो ये है की मैं आप दोनों से प्यार करती हूँ। इसलिए मैं दोनों से मिलती रहूंगी और चुदवाती रहूंगी!!” मैंने कहा
उसके बाद शेलश और उमेश सर में आपस में सुलह हो गयी। एक दिन मैंने दोनों से एक साथ चुदवाने का प्लान बनाया। मेरे घर से उमेश सर का घर पास पड़ता था। इसलिए मैंने शेलश सर को उमेश सर के घर पर आने को बोल दिया। कॉलेज का बहाना मारकर मैं घर से बाहर निकल आई और सीधा रिक्शा करके उमेश सर के घर पहुच गयी। कुछ देर में शेलश सर भी वहां आ गये। उसके बाद हम तीनो आपस में प्यार करने लगे। पहले उमेश सर ने मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे रसीले होठ चूसे, फिर शेलश सर ने मेरे लब चूसे। फिर हम तीनो से अपने कपड़े उतार दिए। शेलश और उमेश सर में आपस में सुलह हो गयी थी। मैं बोल दिया था की अगर वो आपस में किसी कुत्ते की तरह लड़ेंगे तो मैं किसी को भी चूत नही दूंगी। ये बात मैंने साफ साफ़ दोनों से बोल दी थी।
“सारिका बता तू किस्से जादा प्यार करती है!” शेलश सर ने पूछा। मैं हँसने लगी और दोनों की तरफ देखने लगे। उमेश सर सोच रहे थे की मैं उनका नाम लुंगी, पर शेलश सर जानते थे की मैं उनसे जादा प्यार करती हूँ।
“मैं उमेश सर से जादा प्यार करती हूँ, इसलिए मेरे मस्त मस्त दूध पीने का पहला हक उमेश सर का है!!” मैंने कहा
इसके बाद मैं लेट गयी और उमेश सर मेरे उपर लेट गये। उन्होंने मेरे रसीले दूध को मुंह में ले लिया और मजे लेकर पीने लगे। दोनों सर के लौड़े काफी लम्बे लम्बे थे, पर उमेश सर का लंड तो ८” का था, जबकि शेलश सर का लंड ७ इंच का था। उमेश सर के हाथ मेरे चुचियों को सहलाने लगे और होले होले दबाने लगे। उमेश सर ने मेरे दूध और निपल्स को १५ मिनट चूसा।
“आओ शेलश सर आप भी मेरे मम्मे पी लो!!” मैं बोली। उमेश सर मेरे उपर से हटे तो शेलश सर आकर मेरे दूध पीने लगे। वो मेरी रसीली चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगे। चूं चूं….की आवाज आने लगी। मेरे मम्मे किसी अनार जैसे लाल लाल गुलाबी गुलाबी और बड़े खूबसूरत थे। वृत्ताकर दूध के शिखर पर काले काले रंग के घेरे वाले चूचुक थे, जो बहुत मस्त और सेक्सी लगते थे। शेलश सर मेरी काली काली निपल्स में अपनी खुदरी जीभ को बार बार टकरा रहे थे। मैं उतेज्जना और चुदास से पागल हुई जा रही थी। वो मेरे दूध को किसी पके टमाटर की तरह कसकर दबा देते थे, मेरी तो जान ही निकल जाती थी। लग रहा था आज वो मेरा दूध ही पी लेंगे और सारा रस चूस लेंगे। मैं उनके दांतों की तेज धार को अपने नर्म मम्मो पर महसूस कर सकती थी। मैं “……उई..उई..उई…. माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. .अहह्ह्ह्हह..” करके सिसक रही थी। हाँ आज मैंने उसने कसकर चुदवाना चाहती थी। कुछ देर तक मेरे बूब्स पीने के बाद शेलश सर हट गये और उमेश सर फिर मेरे पास आ गये।
“सारीका.मेरी जान आ मेरा लौड़ा चूस आकर!! हम दोनों तुझे बी कॉम फाइनल में इतने मार्क्स देंगे की तू कॉलेज टॉप कर जाएगी!!” उमेश सर बोले
“सर, टॉप आने के लिए तू मैं कुछ भी करुँगी!!” मैंने कहा
उसके बाद मैं उमेश सर का मोटा लंड हाथ में लेकर चूसने लगी और मुंह में लेकर चूसने लगी। शेलश सर को एक कमाल का आइडिया आया और वो मेरे दोनों पैर के नीचे चूत के नीचे आ गये। इसलिए मुझे मजबूरी में घोड़ी बनना पड़ा। शेलश सर ने अपना सर मेरी दोनों टांगो के नीचे डाल डाल दिया और लेटकर मेरी चूत पीने लगे। ये एक गजब का क्रांतिकारी आइडिया था। मैं इधर उमेश सर का मोटा ८” लौड़ा चूसने में मस्त थी, और उधर शेलश सर मेरी चूत नीचे सर डालकर पी रहे थे। जितना जादा मजा मुझे उमेश सर का लंड चूसने में मिल रहा था, उससे कहीं जादा सुख को शेलश सर को अपनी चुत पिलाने में मिल रहा था। दोनों आज मुझे कसकर चोदना चाहते थे और फिर मुझे अच्छे नम्बर इक्साम्स में देने वाले थे।
मैंने हाथ के पंजों से बिस्तर की चादर पकड़ ली और कसकर भींच ली। वो हौक हौंक के मेरी चूत मारने लगे। इस तरह चुदवाने में कुछ आराम मिल रहा था। खाली मुट्ठी चुदवाने में बड़ा अजीब लगता है। हाथ में तो कुछ होना ही चाहिए। उमेश सर फक फक करके मुझे फक [चोद] कर रहे थे। मैं अच्छी तरह जानती थी की उमेश सर मेरे रूप, रंग और खूबसूरती को भोगना चाहते है। वो मुझे पेट पर हाथ से गोल गोल सहला सहलाकर चोद रहे थे। कुछ देर बाद मेरी चूत रवां हो गयी और पूरी तरह से खुल गयी। मेरी चूत से ढेर सारा ताजा मक्खन निकला रहा था चुदते समय जो सर के मोटे लौड़े पर ग्रीस की तरह अच्छे से चुपड़ गया था। इससे वो अच्छे से फट फट करके मुझे चोद पा रहे थे। किसी पिस्टन की तरह उनका लौड़ा मेरी चूत में फिसल रहा था , अंदर बाहर हो रहा था और मेरी चूत को चोद रहा था। आडिटिंग के साथ साथ सर कामशास्त्र और चोदनशास्त्र में भी शौकीन थे, माहिर थे। ये बात आज मुझको पता चल गयी थी।
फिर उमेश सर का माल मेरी चूत में ही छूट गया। मैं एक बार अपने कॉलेज के के सर से चुद चुकी थी। अब मुझे चोदने का नम्बर शेलश सर का था। उमेश सर हट गये और पानी की बोतल से पानी पीने लगे। उनकी बहुत सारी ताकत और ऊर्जा नस्ट हो चुकी थी मेरी चूत मारने में। अब शेलश सर मेरे उपर आकर लेट गये। और मेरी चूत को पीने लगे। दोस्तों आज तो मेरी फुल पार्टी हो गयी थी। सर के दो दो मोटे लौड़े मुझे खाने को जो मिल रहे थे।
“ओह्ह…सारिका तुम बहुत खूबसूरत हो….सच में तुमको देखते ही मुझे कुछ हो जाता है!!” शेलश सर मेरी तारीफ़ करने लगे। उसके बाद वो मेरी चूत पीने लगे!इससे पहले मैं कुछ समझ पाती सर ने अपना मुंह मेरी चूत पर लगा दिया और चूत पीने लगे। उन्होंने मेरी दोनों टाँगे पूरी तरह से खोल दी थी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी मध्यमा (हाथ की बीच वाली ऊँगली) मेरी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगे।
“आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह….सी सी सी सी.. हा हा हा..” करके मैं तेज तेज चिल्लाने लगी। मैं क्या करती दोस्तों, मेरी चूत में अजीब से सनसनाहट हो रही थी। सर जल्दी जल्दी अपनी मध्यमा से मेरी चूत फेटने लगे। मैं अपनी कमर और पेट उपर उठाने लगी। मेरा गला बार बार सुख रहा था। अजीब हालत थी ये। तेरे तन मन में सनसनाहट हो रही थी। एक तरह शेलश सर की ऊँगली, तो दूसरी तरह उनकी जीभ और होठ। आज मेरा बच पाना मुश्किल ही नही नामुमकिन था। सर को जाने क्या मजा मेरी चूत पीने में मिल रहा था, मैं नही समझ पा रही थी। उनकी जीभ मेरे जिस्म के सबसे कोमल और सम्वेदनशील हिस्से से खेल रही थी। ये विचित्र और अलग अहसास था। मेरे चूत के दाने को वो अपने दांत से पकड़ लेते थे और उपर की तरह खीच लेते थे। मैं पागल हो रही थी।
“प्लीससस……..प्लीससस, उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…सर, अब मुझे चोद लीजिये वरना मैं मर जाउंगी!!” मैंने कहा
फिर शेलश सर को मेरी जवानी पर तरस आ गया। उन्होंने अपना ७” का लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे। मैंने उनके गले में हाथ डाल दिया। मेरे दिमाग में बड़ी जोर की यौन उत्तेजना होनी लगी। मेरे जिस्म की रग रग में, एक एक नश में खून फुल रफ्तार से दौड़ने लगा। मैं चुदने लगी। सर का मजबूत लौड़ा खाने लगी। मैं संभोहरत हो गयी, चुदवाने लगी। शेलश सर सचिन तेंदुलकर की तरह मेरी चूत मे चोद रे करने लगा। मेरा चेहरा तमतमा गया। सर का मस्त बड़ा सा लौड़ा खटर खटर करके मेरी चूत में दौदने लगा। मैं जोशा गयी।
“….ओह्ह्ह्ह फक मी हार्डर….ओह्ह्ह यससससस….कमोंन फक मी हार्ड!! ओह्ह माय गॉड….यससससससस यस!!” मैंने उत्तेजना में चुदवाते चुदवाते हुए कहा। सर बहुत जोर जोर से मुझे पेलने लगे। मेरा पूरा चेहरा तमतमा गया। मेरे कान, नाक, आंख, स्तन, भगोष्ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फुल गयी। मेरा भंगाकुर का मुंड नीचे की तरफ धस गया। मेरी धड़कने बढ़ गयी। मेरी चूत अच्छे से चुदने लगी। चूत की दिवारे योनी पथ पर अपना तरल पदार्थ चोदने लगी। इस चिकने मक्खन से मेरी चूत और भी जादा चिकनी और फिसलन भरी हो गयी। शेलश सर का लौड़ा मेरी चूत के छेद में खटर खटर करके फिसलने लगा जैसे किसी कोयले की अँधेरी खदान में काम कर रहा हो। वो मुझे किसी रंडी की तरह चोदने लगे। कुछ देर में उनका माल मेरी चूत में ही छूट गया।
अब तक मेरे कॉलेज के दोनों सर से मुझे एक एक बार चोद लिया था। उमेश सर ने फ्रिज से शेम्पेन की बोतल निकाली और हवा में लहराई। उन्होने पार्टी का मस्त इंतजाम किया था। हम तीनो से शेम्पेन के गिलास आपस में टकराए और सेलिब्रेट करने लगे।
“यार सारीका तूने तो आज जिस तरह हमे खुलकर चूत दी है, हम तो तेरे दीवाने हो गए है!!” उमेश सर बोले
“हाँ सारीका, आज तो तूने रंग जमा दिया यार!!” शेलश सर बोले
कुछ देर तक हम आराम आराम से शेम्पेन का मजा लेते रहे। उसके बाद फिर से चुदाई का मौसम बन गया। हम तीनो सोफे पर चले गये। उमेश सर सोफे पर बैठ गये। मैं उनके लंड को हाथ में लेकर हीलाने लगी।
“सारीका जान….अब मैं और शेलश तुमको एक साथ चोदेंगे। तुमको इसमें बहुत मजा आएगा….डोंट वरी!!” उमेश सर बोले
“ओके!!” मैं कहा
कुछ ही देर में उनका लंड फिर से खड़ा हो गया। सर के इशारे पर मैं उमेश सर की तरह अपनी पीठ करके खड़ी हो गयी। उमेश सर ने अपने ८” के लंड पर ढेर सारा तेल लगा लिया और मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया। “हाईईईईई, उउउहह, आआअहह…” मैं चिल्लाई। मुझे दर्द हो रहा था, पर किसी तरह मैं बर्दास्त कर रही थी। उमेश सर ने मुझे अपने उपर लिटा लिया। मेरी पीठ उनकी तरह थी।“शेलश ….आ जा यार!…इस कुतिया को साथ में चोदते है!!” उमेश सर बोले। मुझे अच्छा लगा। अब मेरे दूसरे आशिक शेलश सर भी आ गये और उन्होंने अपने लंड में थोड़ा तेल लगा लिया, मेरी चूत ठीक उनके सामने थी। शेलश सर ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। मैं चिल्लाई। दोस्तों, अब २ २ लौड़े मेरे दोनों छेद में थे। धीरे धीरे उमेश और शेलश सर दोनों अपने अपने लंड मेरी चूत और गांड में धीरे धीरे चलाने लगे। मेरी तो जान ही जाने लगी। उसके बाद दोनों ने एक साथ मेरी चूत और गांड मारी और सवा घंटे मुझको पेला।
“प्लीससस……..प्लीससस, उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…सर, अब मुझे चोद लीजिये वरना मैं मर जाउंगी!!” मैंने कहा
फिर शेलश सर को मेरी जवानी पर तरस आ गया। उन्होंने अपना ७” का लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे। मैंने उनके गले में हाथ डाल दिया। मेरे दिमाग में बड़ी जोर की यौन उत्तेजना होनी लगी। मेरे जिस्म की रग रग में, एक एक नश में खून फुल रफ्तार से दौड़ने लगा। मैं चुदने लगी। सर का मजबूत लौड़ा खाने लगी। मैं संभोहरत हो गयी, चुदवाने लगी। शेलश सर सचिन तेंदुलकर की तरह मेरी चूत मे चोद रे करने लगा। मेरा चेहरा तमतमा गया। सर का मस्त बड़ा सा लौड़ा खटर खटर करके मेरी चूत में दौदने लगा। मैं जोशा गयी।
“….ओह्ह्ह्ह फक मी हार्डर….ओह्ह्ह यससससस….कमोंन फक मी हार्ड!! ओह्ह माय गॉड….यससससससस यस!!” मैंने उत्तेजना में चुदवाते चुदवाते हुए कहा। सर बहुत जोर जोर से मुझे पेलने लगे। मेरा पूरा चेहरा तमतमा गया। मेरे कान, नाक, आंख, स्तन, भगोष्ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फुल गयी। मेरा भंगाकुर का मुंड नीचे की तरफ धस गया। मेरी धड़कने बढ़ गयी। मेरी चूत अच्छे से चुदने लगी। चूत की दिवारे योनी पथ पर अपना तरल पदार्थ चोदने लगी। इस चिकने मक्खन से मेरी चूत और भी जादा चिकनी और फिसलन भरी हो गयी। शेलश सर का लौड़ा मेरी चूत के छेद में खटर खटर करके फिसलने लगा जैसे किसी कोयले की अँधेरी खदान में काम कर रहा हो। वो मुझे किसी रंडी की तरह चोदने लगे। कुछ देर में उनका माल मेरी चूत में ही छूट गया।
अब तक मेरे कॉलेज के दोनों सर से मुझे एक एक बार चोद लिया था। उमेश सर ने फ्रिज से शेम्पेन की बोतल निकाली और हवा में लहराई। उन्होने पार्टी का मस्त इंतजाम किया था। हम तीनो से शेम्पेन के गिलास आपस में टकराए और सेलिब्रेट करने लगे।
“यार सारीका तूने तो आज जिस तरह हमे खुलकर चूत दी है, हम तो तेरे दीवाने हो गए है!!” उमेश सर बोले
“हाँ सारीका, आज तो तूने रंग जमा दिया यार!!” शेलश सर बोले
कुछ देर तक हम आराम आराम से शेम्पेन का मजा लेते रहे। उसके बाद फिर से चुदाई का मौसम बन गया। हम तीनो सोफे पर चले गये। उमेश सर सोफे पर बैठ गये। मैं उनके लंड को हाथ में लेकर हीलाने लगी।
“सारीका जान….अब मैं और शेलश तुमको एक साथ चोदेंगे। तुमको इसमें बहुत मजा आएगा….डोंट वरी!!” उमेश सर बोले
“ओके!!” मैं कहा
कुछ ही देर में उनका लंड फिर से खड़ा हो गया। सर के इशारे पर मैं उमेश सर की तरह अपनी पीठ करके खड़ी हो गयी। उमेश सर ने अपने ८” के लंड पर ढेर सारा तेल लगा लिया और मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया। “हाईईईईई, उउउहह, आआअहह…” मैं चिल्लाई। मुझे दर्द हो रहा था, पर किसी तरह मैं बर्दास्त कर रही थी। उमेश सर ने मुझे अपने उपर लिटा लिया। मेरी पीठ उनकी तरह थी।“शेलश ….आ जा यार!…इस कुतिया को साथ में चोदते है!!” उमेश सर बोले। मुझे अच्छा लगा। अब मेरे दूसरे आशिक शेलश सर भी आ गये और उन्होंने अपने लंड में थोड़ा तेल लगा लिया, मेरी चूत ठीक उनके सामने थी। शेलश सर ने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। मैं चिल्लाई। दोस्तों, अब २ २ लौड़े मेरे दोनों छेद में थे। धीरे धीरे उमेश और शेलश सर दोनों अपने अपने लंड मेरी चूत और गांड में धीरे धीरे चलाने लगे। मेरी तो जान ही जाने लगी। उसके बाद दोनों ने एक साथ मेरी चूत और गांड मारी और सवा घंटे मुझको पेला।
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लेखक खेमचनद टाॅक ✍✍
भाभी को प्रेग्नेंट बनाई/ devar ne bhabhi pregnant ki/devar bhabhi ki chudayi
Indian beauty woman's September 01, 2021bhabhi ko pregnant banana pada, bhabhi ko pregnant Kiya, भाभी को प्रेग्नेंट बनाई, भाभी को माॅ बनाई
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हैलो दोस्तो मै (ग्रूप सेक्स स्टोरीज) मै आप सभी
दोस्तो, मेरी हॉट भाभियों और सेक्सी लड़कियों को मेरा एक बार फिर से प्यार भरा नमस्ते.🙏
मेरा नाम सुनिल है मैं लखनऊ में रहता हु, मैं अपने भाभी से करीब ६ साल का छोटा हु, मैं अपने भाभी से बहुत प्यार करता हु, मेरे भैया दिल्ली में रहते है, वो ६ महीने में एकबार आते है, अभी अभी मेरे भाभी को एक लड़का हुआ हुआ वो लड़का मेरा ही है, भैया तो नाम का बाप है असल में बाप मैं हु, ये मैं जनता हु और मेरी भाभी जानती है, मैंने भाभी को चुदाई के लिए कैसे तैयार किया मैं आपको विस्तार से बताता हु |
मेरी उम्र अभी २० साल की है, और मेरी भाभी की उम्र २६ साल है, वो देखने में काफी सुन्दर
Xxx
एक दिन मेरे माँ और पापा दोनों मामा के शादी में गए थे और वो दूसरे दिन आने वाले थे, अभी घर में सिर्फ मैं और मेरी भाभी कामीनी थी, मैंने भाभी को बोला भाभी आज आप बड़े ही सुन्दर लग रही हो, तो बोली क्या करूँ देवर जी, सुन्दर तो लग रही हु पर मेरी सुंदरता और मेरे शरीर को भोगने वाला कोई नहीं नहीं, आपके भैया तो हमेशा दिल्ली में ही रहते है अगर आते भी है छ महीने में एक बार के सिर्फ ७ दिन में क्या होगा, मैं तो प्यासी ही रह जाती हु, जानते है देवर जी? ज़िंदगी बड़ी छोटी है, जवानी बची है सिर्फ १० साल के लिए, फिर तो मैंने बूढी हो जाउंगी फिर तो किसी काम की नहीं, कभी कभी सोचती हु तो मन बैचेन हो उठता है, क्या करूँ समझ में नहीं आता, कभी कभी तो लगता है मैं यहाँ से भाग जाऊ और दूसरी शादी कर लू.
इतना कह कर भाभी रोने लगी, मैंने उनको बोला भाभी देखो आपकी तो शादी हो गयी है, मैं मानता हु भैया आपको शरीर का सुख नहीं दे रहे है, मेरी शादी अभी नहीं हुयी है और मैं अभी ६ से ७ साल तक नहीं करने बाला हु, अगर आप चाहो तो मैं आपको ये सारे ख़ुशी दे सकता हु, आपको मैं किसी चीज़ की कमी भी नहीं होने दूंगा, आप बहुत खुश रहोगे, अगर आप बुरा ना मानो तो, तो भाभी बोली नहीं नहीं इसमें बुरा मैंने की क्या बात है, पति ही जालिम है तो कर क्या सकती हू, आप तो मेरा इतना ख्याल रखते हो, यही काफी है, मैं भी यही चाहती थी देवर जी पर मैं सोचती थी आप मेरे से उम्र में छोटे हो इस वजह से,
मैंने कहा मैं आपको सेक्स सुख दे सकता हु, और मैंने उनका हाथ पकड़ा, वो मेरी आँखों में आँख डाल के देखने लगी और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे और एक
साथ बेड पे लेट गए जैसा की आपने देखा होगा सुहागरात के सीन को सिनेमा में दिखाते, मैं किस करते करते भाभी के ब्लाउज के हुक खोल दिया, और अलग कर दिया फिर उन्होंने अपने पीठ की तरफ हाथ करके ब्रा उतार दी, मैंने उनके दोनों चूच को अपने हाथ में लेके दबाने लगा, और वो आआअह्हह्हह आआआह्ह्ह्ह कर रही थी मैं उनका होठ को अपने होठ से चूस रहा था, गाल पे किश करने लगा, मैं इतना जोश में आ गया था की पता ही नहीं चला मैंने उनके गाल पे दात से काट लिया, वो पूरी तरह से मदहोश हो गयी, वो अपने चूचो को पकड़ कर मेरे मुह में डाल रही थी, फिर मैंने अपना ऊँगली उनके नाभि में घुसाने लगा, तो बोली देवर जी उससे कुछ भी नहीं होगा मेरे, निचे मेरे चूत को चोद डालो, फिर मैंने झटक से पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उनके रशिली चुत को किस और ऊँगली से चोदने लगा, तभी भाभी की आवाजे बेडरूम मे संगीत करने ली
ऊऊऊऊ
फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़
उन्होंने धक्का देके मेरा मुह अपने चूत पे दबाने गयी और चटवाने लगी, मैंने जीभ से उनके चुत को साफ़ कर दिया वो पानी छोड़ती और मैं साफ़ कर देता वो नमकीन मलाई जो चुत से निकल रही थी, चाट चाट के मैं मदहोश हो गया और मेरा लंड तो फन फन्ना रहा था,फिर मैंने अपने मोटे ७ इंच लंड को निकाला और भाभी के पैर को अलग अलग किया और चुत के मुह पे अपने लंड का सुपाड़ा रखा और धकेल दिया अपने लंड को भाभी के चूत में, भाभी एक लम्बी सांस ली और ऊऊऊऊफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ की आवाज़ निकली, फिर वो गांड उठा उठा के चुदवाने
इसके बाद जरूर पढ़े आपका खड़ा कर देगी भाभी 👉पति को काम पर भेजकर पड़ोस लड़के से रोज़ाना चुदवाती
लगी, मैंने भी धक्के पे धक्का दे रहा था, करीब १ घंटे में वो ४ बार और मैं २ बार झड़ चूका था, फिर क्या था , मेरे पापा मम्मी निचे के फ्लोर में रहते थे और ऊपर दो कमरे और थे एक भाभी का एक मेरे, फिर मैं रोज रात को जैसे ही ग्यारह बजे मैं भाभी के कमरे में चला जाता और सुबह पांच बजे अपने कमरे में वापस आता, एक महीने तक हम दोनो ने चुदाई की फिर भाभी को एक बच्चे की माँ बनाई , मेरे भाई को लग रहा था की मैं जब होली में घर आया था तभी वो प्रेग्नेंट हुयी थी, पर ये बच्चा मेरा है, अब हम देवर भाभी पति पत्नी के तरह रोज चुदाते रह रहे है.
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देवर ने प्रेगनेंट किया / sex video/ devar ne pregnant Kiya / devar bhabhi ki kahani
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मेरे देवर से मेरी चुत चुदाई करवाकर प्रेग्नेंट हुई |
मेरी शादी को 4 साल हो गये पर कोई बेबी नई है. देवर ने कहा की भाभी आप मेरे वीरये को चुत मई लो तो शायद मा बन जाओ. अगले दिन जब हम दोनो अकेले थे तब दोनो बेडरूम मई गये और नंगे हो गये. देवर ने मोटे दूध से खेल कर देवर ने मेरी चुत से हार्डकोर सेक्स किया.
गरमा गरम चुत चदाई करके देवर के कई बार मेरी चूत को अपने लंड से चुदाई की . महीने भर सेक्स करने के बाद मे गर्भवती हो गयी.
Meri shaadi ko 4 saal ho gaye par koi baby nahi hua. Ek din mene apne devar se sex garbhwati banane ko kaha. Agle din pati ke office jaane ke bad devar ke paas gai aur kiss karne lagi. Dono Hindi mai gandi gandi baat karke hot fuck masti karne lage. Devar ne missionary style mai mujko ko choda. Broth der choda fir safed gaade virye ko devar ne pura meri chut mai daldiya aur bahut kush ho gai me.




























